सीरिया के उत्तर पश्चिमी प्रांत इदलिब
से मिली रिपोर्टों के मुताबिक एक धमाके में कम से कम 39 लोगों की मौत हो
गई है. मरने वालों में 12 बच्चे शामिल हैं.
धमाके के असर से एक इमारत पूरी तरह तबाह हो गई. रिपोर्टों के मुताबिक धमाका सारमडा शहर में हुआ. रिपोर्टों के मुताबिक जिस इमारत को नुकसान पहुंचा है, वहां एक हथियार तस्कर ने हथियार रखे हुए थे.
तुर्की की सीमा के करीबी शहर सारमडा में मौजूद एएफपी के एक संवाददाता ने बताया कि रविवार को धमाके के बाद बचावकर्मियों ने मलबा हटाने के लिए बुलडोज़रों का इस्तेमाल किया.
इदलिब सिविल डिफेंस टीम के सदस्य हतीम अबु मारवान के मुताबिक आम लोगों से भरी इमारत मलबे में तब्दील हो गई."
ब्रिटेन स्थित सीरियन ऑब्ज़रवेट्री फॉर ह्यूमन राइट्स ने बताया कि अब भी दर्जनों लोग लापता हैं.
कुछ रिपोर्टों में जानकारी दी गई है कि मरने वालों की संख्या ज़्यादा भी हो सकती है.
माना जा रहा है कि इमारत में मौजूद रहे लोगों में से ज़्यादातर उन जिहादी लड़ाकों के परिजन थे, जिन्होंने सीरिया के दूसरे हिस्सों से बाहर निकाले जाने के बाद इदलिब में शरण ली हुई है.
धमाके की वजह की जानकारी नहीं हो सकी है.
इदलिब सीरिया में विद्रोहियों का आखिरी बड़ा गढ़ है. माना जाता है कि सीरिया की सशस्त्र सेनाओं का अगला निशाना यही प्रांत होगा.
हालिया महीनों में रूस और ईरान के समर्थन से सीरिया की सरकार ने पूरे देश में विद्रोहियों और जिहादी समूहों के ख़िलाफ आक्रामक अभियान में इजाफा किया है.
सोमनाथ चटर्जी को रविवार को दिल का दौरा पड़ा था. इस आघात के बाद उन्हें कोलकाता के एक निजी अस्पताल में वेंटिलेशन पर रखा गया था. पश्चिम बंगाल में मंत्री रहे सीपीएम नेता अब्दुस सत्तार ने बीबीसी को बताया कि सोमवार सुबह 8.15 बजे सोमनाथ चटर्जी ने इस दुनिया को अलविदा कहा.
वो किडनी की समस्या से भी जूझ रहे थे. चटर्जी को जून में भी स्ट्रोक आया था और वो एक महीने तक अस्पताल में भर्ती रहे थे.
सोमनाथ चटर्जी सीपीएम के दिग्गज नेता थे, लेकिन बाद में उन्हें पार्टी ने निकाल दिया था.
सोमनाथ चटर्जी जाने-माने क़ानूनविद् भी थे. वो भारत के सबसे लंबे समय तक सांसद रहे. 1971 से 2009 तक सोमनाथ चटर्जी लोकसभा सांसद चुने गए. इस दौरान जाधवपुर लोकसभा क्षेत्र से 1984 में केवल एक बार उन्हें ममता बनर्जी से हार का सामना करना पड़ा था.
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